हर महीने केवल 1000 रुपए जमा कर आप बन सकते हैं लखपति, जानिए क्‍या-क्‍या हैं तरीके

Photo:TELEGRAPH INDIA know the way make investments Rs 1000 each month and earn greater than lakh rupees 

नई दिल्‍ली। हम में से कोई भी जीवन भर काम नहीं करना चाहता। ऐसे में भविष्य को सुरक्षित करने और अपनी सभी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए निवेश करना बहुत जरूरी होता है। लेकिन निवेश करने से पहले अपनी आय का आकलन जरूर करें और यह सोचें की आपको किस उदेश्य के लिए निवेश करना है, कितने पैसे निवेश करना है और कहां निवेश करना है। आपको यह समझना होगा कि निवेश और बचत में अंतर होता है। अक्सर लोग बचत तो करते हैं, लेकिन निवेश नहीं करते। जब आप निवेश करते हैं तो आप इसे केवल सुरक्षित नहीं रखते, बल्कि इसे बढ़ाने का प्रयत्न करते हैं। निवेश करने के लिए यह जरूरी नहीं है कि आपके पास ढेरों पैसे होने चाहिए। आप हर महीने 500 या 1000 रुपए के साथ भी निवेश कर अपने भविष्य को सुरक्षित रख सकते हैं। आज हम आपको ऐसे ही पांच तरीके बता रहे हैं जहां हर महीने 1000 रुपए निवेश कर आप अच्छा रिटर्न हासिल कर सकते हैं।

कंपनियों के शेयर में निवेश

शेयर बाजार में विभिन्न अच्‍छी कंपनियों के स्टॉक में हर महीने 1000 रुपए निवेश कर आप अपना पोर्टफोलियो अच्छा बना सकते हैं। हालांकि, इतनी कम राशि में आप बड़ी कंपनियों के महंगे स्टॉक्स में निवेश नहीं कर पाएंगे, लेकिन कई ऐसी कंपनियां हैं, जो अच्छा ग्रोथ कर रही हैं और उनके शेयर की कीमत 1000 रुपए से कम है। ऐसी कंपनियों का शेयर खरीदकर आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। लेकिन किसी भी कंपनी का शेयर खरीदने से पहले अच्छी तरह रिसर्च करें और शेयर इस मकसद से खरीदें कि आपको इसे 7 से 10 साल के बाद बेचना है। इसलिए ऐसी कंपनी के शेयर खरीदें जो फंडामेंटली स्ट्रॉन्ग हैं।

म्यूचुअल फंड्स में निवेश

आप म्यूचुअल फंड्स में हर महीने कम से कम 500 रुपए का निवेश भी कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेशकों से पैसे जुटाती हैं और इन्‍हें वह कंपनियों के शेयरों में निवेश करती हैं। जो लोग शेयर बाजार में निवेश के बारे में बहुत नहीं जानते, उनके लिए म्यूचुअल फंड निवेश का अच्छा विकल्प है। निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से म्‍यूचुअल फंड स्कीम चुन सकते हैं। म्‍यूचुअल फंड के किसी डायरेक्ट प्लान में निवेश करने का फायदा यह है कि आपको कमीशन नहीं देना पड़ता है। इसलिए लंबी अवधि के निवेश में आपका रिटर्न बहुत बढ़ जाता है। सिप के जरिये आप इसमें निवेश कर सकते हैं। आप चाहें तो इक्विटी म्यूचुअल फंड, डेट म्यूचुअल फंड या हाइब्रिड म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश कर सकते हैं।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) में निवेश करने में सबसे कम जोखिम है। इसमें पैसा डूबने का कोई खतरा नहीं रहता है। अभी पीपीएफ पर सालाना 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है और सरकार इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत पीपीएफ में निवेश करने पर 1.5 लाख तक का टैक्स बेनिफिट भी देती है। इसका लॉकइन पीरियड 15 साल है। 15 साल तक अगर आप पीपीएफ में हर महीने 1000 रुपए जमा करते हैं तो कुल जमा राशि 1,80,000 हो जाती है, लेकिन बदले में आपको 3,25457 रुपए मिलेंगे। इसके अलावा टैक्स बेनिफिट अलग से मिलेगा।

रेकरिंग टर्म डिपॉजिट

रेकरिंग डिपॉजिट (RD) एक तरह का टर्म डिपॉजिट है जो निवेशकों की रेगुलर सेविंग की आदत को बढ़ावा देता है। आरडी एकाउंट में हर महीने मिनिमम 100 रुपए निवेश किया जा सकता है। इसकी अधिकतम मेच्योरिटी 10 साल की है। इसमें ग्राहकों को Three प्रतिशत से लेकर 9 प्रतिशत तक का ब्‍याज मिलता है। यह भी फिक्स्ड डिपोडिट की तरह फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट विकल्‍प है, लेकिन यहां निवेश के लिए अधिक सहूलियत है। एफडी में जहां एक मुश्त पैसा लगाना पड़ता है, आरडी में आप सिप की तरह अलग-अलग किस्‍तों में मासिक आधार पर निवेश कर सकते हैं।

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) एक छोटी बचत योजना है, जिसमें आप 100 रुपए से लेकर कितनी भी राशि निवेश कर सकते हैं। इस समय इस पर 6.eight प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। आप इसे पोस्ट ऑफिस या किसी बैंक से खरीद सकते हैं। इसमें निवश करने पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए का टैक्स बेनिफिट मिलता है। अगर आप पांच साल के लिए NSC में हर महीने 1000 रुपए निवेश करते हैं तो एक साल में इसमें 12,000 रुपए जमा होते हैं, लेकिन पांच साल के बाद यही अमाउंट 16,674 रुपए हो जाती है।

!function (f, b, e, v, n, t, s) {
if (f.fbq)
return;
n = f.fbq = function () {
n.callMethod ? n.callMethod.apply(n, arguments) : n.queue.push(arguments);
};
if (!f._fbq)
f._fbq = n;
n.push = n;
n.loaded = !0;
n.version = ‘2.0’;
n.queue = [];
t = b.createElement(e);
t.async = !0;
t.src = v;
s = b.getElementsByTagName(e)[0];
s.parentNode.insertBefore(t, s);
}(window, document, ‘script’, ‘//connect.facebook.net/en_US/fbevents.js’);
fbq(‘init’, ‘1684841475119151’);
fbq(‘track’, “PageView”);

Source link