सोनिया और राहुल गांधी संसद के मानसून सत्र के पहले चरण में नहीं होंगे शामिल

सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी ने अपने संसदीय रणनीति समूह के साथ बैठकें की हैं और दोनों सदनों में बेहतर समन्वय के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं, कांग्रेस अध्यक्ष ने सदन में प्रमुख मुद्दों को उठाने के लिए कहा है जो राष्ट्र को प्रभावित कर रहे हैं.

कांग्रेस नेता ने रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बाहर जाने की ट्वीट कर पुष्टि की.

सूत्रों का कहना है कि पार्टी आर्थिक मंदी और केंद्र द्वारा कोरोनोवायरस महामारी से निपटने जैसे मुद्दों को उठाने की संभावना है. आपको बता दें कि सोनिया गांधी के विदेश जाने से एक दिन पहले, पार्टी में प्रमुख संगठनात्मक परिवर्तन किए गए जिसमें कई “असंतुष्ट” पत्र लेखकों जिन्हें पिछले महीने गांधी परिवार के नेतृत्व पर सवाल उठाते देखा गया था, उन्हें अपना पद खोना पड़ा है. 

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पार्टी महासचिव पद से हटाए गए नेताओं में सबसे उल्लेखनीय पार्टी के 23 वरिष्ठ लोगों के एक समूह के वास्तविक नेता गुलाम नबी आजाद हैं, जिन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की मांग की थी.

समूह ने पत्र में पार्टी के “सामूहिक नेतृत्व” के बारे में बात की थी, जिसे गांधी परिवार पर हमले के रूप में देखा गया था.

मोतीलाल वोरा, अंबिका सोनी और मल्लिकार्जुन खड़गे को भी सोनिया गांधी द्वारा शुक्रवार के फेरबदल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के रूप में हटा दिया गया था.

पी चिदंबरम, तारिक अनवर, रणदीप सुरजेवाला और जितेंद्र सिंह को पुनर्गठित कांग्रेस कार्य समिति के नियमित सदस्यों के रूप में नामित किया गया है. राहुल गांधी के करीबी रणदीप सिंह सुरजेवाला को कर्नाटक के प्रभारी महासचिव नामित किया गया है.

गुलाम नबी आजाद को कांग्रेस महासचिव पद से हटाया गया

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