इंटरनेट स्पीड बढ़ाने के टिप्स, जानें ब्रॉडबैंड कनेक्शन और इंटरनेट खर्च के बारे में सबकुछ

नई दिल्ली
वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लासेज की वजह से इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल ज्यादा होने लगा है। ऐसे में लोग ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगवा रहे हैं। कई बार हमें पता नहीं होता कि हमारा महीनेभर का डेटा इस्तेमाल कितना है और कौन-सा कनेक्शन लेना चाहिए। सही ब्रॉडबैंड कनेक्शन कैसे चुनें, एक्सपर्ट्स से जानकारी लेकर बता रहे हैं राजेश भारती…

एक्सपर्ट पैनल
– विहान गुलाटी, टेक एक्सपर्ट
– अमित कुमार, ब्रॉडबैंड एक्सपर्टक्या है ब्रॉडबैंड
ब्रॉडबैंड इंटरनेट का कनेक्शन है। इसके जरिए इंटरनेट से चलने वाली एक से अधिक डिवाइस जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन, स्मार्ट डिवाइस आदि एक साथ जोड़ सकते हैं। ब्रॉडबैंड के जरिए इंटरनेट की स्पीड काफी तेज मिलती है। ब्रॉडबैंड कनेक्शन घर या दुकान के लिए ले सकते हैं। ब्रॉडबैंड कनेक्शन Four तरह के होते हैं:

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1. डीएसएल:
घर या ऑफिस में लगे लैंडलाइन टेलिफोन की लाइन से इंटरनेट का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें प्लगलाइन स्प्लिटर होता है जो टेलीफोन की लाइन और राउटर (मॉडम) को वायर के जरिए अलग करता है। स्प्लिटर से कम्प्यूटर की दूरी जितनी ज्यादा होगी, इंटरनेट स्पीड उतनी ही कम होती है। इसका इस्तेमाल अब बहुत कम होता है।

2. केबल: अगर आपके एरिया में केबल वाला है तो वह भी आपको इंटरनेट कनेक्शन दे सकता है। हालांकि केबल के जरिए आने वाले इंटरनेट की स्पीड काफी कम होती है। साथ ही उसके जितने ज्यादा कस्टमर होते हैं, इंटरनेट की स्पीड उतनी ही कम होती जाती है।

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3. सैटलाइट: यह भी वायरलैस इंटरनेट कनेक्शन होता है। इसका इस्तेमाल उन इलाकों में किया जाता है जहां इंटरनेट की पहुंच मुश्किल होती है। इस तरीके से इंटरनेट पहुंचाने के लिए कस्टमर के घर या दुकान पर एक एंटिना लगाया जाता है। इससे सिग्नल आते हैं और इंटरनेट मिलता है।

4. फाइबर-ऑप्टिक: इंटरनेट कनेक्शन का यह लेटेस्ट तरीका है। फाइबर ऑप्टिक वायर के जरिए इंटरनेट कनेक्शन दिया जाता है। इस कनेक्शन से 1Gbps तक इंटरनेट की स्पीड मिलती है। हालांकि इसकी सुविधा अभी बड़े शहरों या छोटे शहरों में सीमित जगह पर ही है। इसका नेटवर्क पूरे देश में तेजी से फैल रहा है।

कितना जरूरी है ब्रॉडबैंड कनेक्शन
ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेना कितना जरूरी है, इसे इन दो उदाहरणों से समझ सकतें हैं।

1. रोहित ‘वर्क फ्रॉम होम’ कर रहे हैं। उनके पास दो अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल कनेक्शन हैं। दोनों में उन्हें 1.5-1.5GB डेटा रोजाना मिलता है। इस हिसाब से उन्हें 3GB डेटा हर दिन मिलता है। वर्क फ्रॉम होम करने के दौरान दिन में एक-दो PDF फाइलें ही डाउनलोड करनी पड़ती हैं। इसके अलावा इंटरनेट का कुछ और इस्तेमाल नहीं है। ऐसे में रोहित के पास मौजूद 3GB डेटा काफी होता है। अकसर एक सिम का डेटा ही खर्च हो पाता है और इंटरनेट स्पीड भी ठीक मिलती है। ऐसे में रोहित को ब्रॉडबैंड कनेक्शन की कोई जरूरत नहीं है। इसी तरह जिन लोगों का इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल ज्यादा नहीं है उन्हें ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेने की कोई जरूरत नहीं।

2. शालिनी एक कंपनी में एचआर डिपार्टमेंट में काम करती हैं। अभी ‘वर्क फ्रॉम होम’ कर रही हैं। हर दिन उनकी करीब 1-1 घंटे की दो विडियो कॉन्फ्रेंस होती हैं। वह दिन में Four से 5 विडियो इंटरव्यू भी लेती हैं। उनके दो बच्चे हैं, जिनकी दो-दो घंटे की ऑनलाइन क्लास भी हर दिन होती है। उनके पति भी अपने बिजनेस का बहुत-सा काम घर से इंटरनेट के जरिए कर रहे हैं। साथ ही वे स्ट्रीमिंग विडियो ऐप जैसे ऐमजॉन प्राइम, डिज्नी हॉटस्टार, जी5, नेटफ्लिक्स आदि पर मूवी या वेव सिरीज भी देखते हैं। उनका रोजाना करीब 10GB डेटा खर्च होता है। ऐसे में उन्होंने ब्रॉडबैंड कनेक्शन लिया है। उनकी तरह किसी का भी रोजाना का डेटा खर्च ज्यादा है तो ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेना चाहिए।

ब्रॉडबैंड की खास बातें
– ब्रॉडबैंड कनेक्शन किसी भी दूसरे इंटरनेट माध्यम की तुलना में सस्ता पड़ता है।
– इसका इस्तेमाल किसी एक जगह पर ही किया जा सकता है। इसे साथ लेकर नहीं चल सकते।
– किसी एक जगह पर करीब 20 फुट तक की दूरी में इंटरनेट की स्पीड सही मिलती है। इसके बाद कम और फिर खत्म हो जाती है।
– कंपनियां कई तरह के प्लान देती हैं जिन्हें अपनी सुविधा के मुताबिक चुन सकते हैं।
– अब कई कंपनियां अपने प्लान में अनलिमिटेड डेटा (स्पीड कम हुए बिना) दे रही हैं।

कनेक्शन की दरें
अगर फाइबर-ऑप्टिक ब्रॉडबैंड कनेक्शन ले रहे हैं तो हर महीने इतने रुपये देने होंगे:
स्पीड मासिक चार्ज
50Mbps तक 500 रुपये
100Mbps तक 800 रुपये
150Mbps तक 1000 रुपये
300Mbps तक 1500 रुपये
500Mbps तक 2500 रुपये
1Gbps तक 4000 रुपये

नोट: मासिक चार्ज अनलिमिटेड डेटा के लिए अनुमानित हैं। अलग-अलग कंपनियों के अनुसार कीमत और डेटा में बदलाव मुमकिन।

कौन-सा कनेक्शन रहेगा बेहतर
जब ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेना हो तो सवाल उठता है कि कनेक्शन कैसा लिया जाए। डेटा की ज्यादा जरूरत है या इंटरनेट स्पीड की या दोनों की। ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:

1. इंटरनेट स्पीड
रोहित की तरह किसी के पास 3GB रोजाना डेटा होता है लेकिन जहां वह रहते हैं, वहां उन्हें इंटरनेट की स्पीड नहीं मिल पाती तो उनके लिए 3GB डेटा किसी काम का नहीं है। ऐसे में ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेना होगा। वहीं, घर पर जब कई डिवाइस एक साथ इंटरनेट पर चलते हैं तो इंटरनेट की स्पीड उन डिवाइस के बीच में बंटकर कम हो जाती है। इंटरनेट की कितनी स्पीड काफी रहेगी, इसे ऐसे समझें:

अगर आप कोई विडियो एक स्क्रीन पर HD क्वॉलिटी में देखना चाहते हैं तो आपको 5Mbps से ज्यादा स्पीड वाला इंटरनेट कनेक्शन लेना चाहिए। यहां एक स्क्रीन से मतलब है कि विडियो स्मार्टफोन या टीवी या कम्प्यूटर या लैपटॉप में से किसी एक पर देखना है। जैसे ही विडियो एक से ज्यादा डिवाइस पर देखना शुरू करेंगे, इंटरनेट की स्पीड कम हो जाएगी।

इन दिनों आम घरों में कम से कम चार डिवाइस (दो स्मार्टफोन, एक कम्प्यूटर या लैपटॉप और एक टीवी) होते ही हैं। ऐसे में घर में कम से कम 30Mbps की स्पीड वाला ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेना चाहिए। वहीं, ऑफिस की विडियो कॉन्फ्रेंस, विडियो कॉल, ऑनलाइन क्लासेज आदि के लिए भी इंटरनेट कनेक्शन चाहिए तो 100Mbps का कनेक्शन सबसे अच्छा रहेगा।

2. डेटा की लिमिट
इंटरनेट की स्पीड कम चाहिए या ज्यादा, डेटा की लिमिट दोनों में होती है। हालांकि अब कुछ कंपनियां अलग-अलग स्पीड के साथ अनलिमिटेड डेटा देने लगी हैं। अगर आपके पास इंटरनेट के इस्तेमाल के लिए ज्यादा डिवाइस नहीं हैं तो कम स्पीड वाला प्लान भी ले सकते हैं। इसमें आपको ज्यादा या अनलिमिटेड डेटा मिलता है। ऐसे प्लान ज्यादा स्पीड वाले प्लान के मुकाबले सस्ते होते हैं। आप एक महीने में कितना डेटा खर्च कर पाएंगे, इसे ऐसे समझें:

अगर ‘वर्क फ्रॉम होम’ के दौरान कम्प्यूटर या लैपटॉप पर इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ सर्फिंग के लिए करते हैं या एक दिन में वॉट्सऐप के जरिए 8-10 फोटो डाउनलोड करते हैं तो एक दिन में 1GB डेटा काफी है। इस हिसाब से महीने में 30GB डेटा।

अगर स्मार्टफोन या टीवी स्क्रीन पर SD क्वॉलिटी में मूवी देख रहे हैं और मूवी करीब ढाई घंटे की है तो करीब 1.5GB डेटा खत्म होगा। वहीं अगर मूवी HD क्वॉलिटी में देख रहे हैं तो करीब 4GB डेटा खत्म होगा। यही डेटा का खर्च स्ट्रीमिंग विडियो ऐप पर भी लागू होगा। अगर आप HD क्वॉलिटी में करीब ढाई घंटे विडियो देखते हैं तो महीने में 120GB डेटा खर्च होगा।

इस तरह डेटा खर्च के हिसाब से अपना प्लान चुन सकते हैं।

3. अतिरिक्त सुविधाएं: कुछ कंपनियां ब्रॉडब्रैंड कनेक्शन के साथ अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग, स्ट्रीमिंग विडियो ऐप जैसे- डिज्नी हॉटस्टार, जी5, ऐमजॉन प्राइम आदि की सुविधाएं फ्री में देती हैं। साथ ही एक साल का सब्स्क्रिप्शन लेने पर कुछ छूट भी मिल जाती है।

राउटर भी होता है खास

ब्रॉडबैंड कनेक्शन के साथ आपको राउटर भी मिलता है। वाई-फाई के जरिए इंटरनेट स्पीड में राउटर की भूमिका अहम होती है। अगर 100Mbps स्पीड का कनेक्शन ले रहे हैं और राउटर अच्छी क्वालिटी का नहीं है तो 100Mbps स्पीड वाले इंटरनेट का लुत्फ नहीं उठा पाएंगे। अगर ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगवा रहे हैं तो राउटर ऐसा होना चाहिए:

राउटर हमेशा डबल बैंड वाला लगवाएं। ये 5GHz बैंड पर चलते हैं। ये 2.5GHz की तुलना में थोड़े महंगे होते हैं लेकिन इनके लगने से राउटर और आपके डिवाइस के बीच में दीवार, दरवाजे आदि से बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता और इंटरनेट स्पीड अच्छी मिलती है। बैंड जानने के लिए कंपनी की ओर से जो राउटर लगाया जा रहा है, उसके मॉडल का नाम कंपनी की वेबसाइट पर चेक करें। वहां राउटर की विशेषताएं देख सकते हैं। साफ तौर पर लिखा हुआ मिलेगा कि राउटर कितने बैंड का और कितने गीगा हर्ट्ज (GHz) का है। अगर वेबसाइट पर यह जानकारी नहीं है तो मॉडल का नाम गूगल पर टाइप करके पता कर सकते हैं।

राउटर लगवाते समय वायरलैस कनेक्टिविटी (स्पीड) का भी ध्यान रखें। बेहतर होगा कि 450Mbps स्पीड वाला राउटर लगवाएं। यह अधिकतम स्पीड का राउटर होता है। अगर आप 500Mbps की स्पीड का कनेक्शन लेते हैं और राउटर 300Mbps की स्पीड वाला है तो अधिकतम Mbps की स्पीड का लुत्फ वाई-फाई के जरिए नहीं ले सकेंगे। अगर 150Mbps का कनेक्शन लेना चाहते हैं तो 300Mbps की स्पीड वाला राउटर बेहतर रहेगा। राउटर की स्पीड की जानकारी भी स्पेसिफिकेशंस में मिल जाएगी।

अधिकतर राउटर में एंटिना लगा होता है। एंटिना का मतलब उसकी रेंज से होता है। दरअसल, एंटिना के लिए bBi रेटिंग्स होती हैं। अगर 2BHK फ्लैट में रहते हैं तो 2-4dBi रेंज वाला राउटर काफी है। फिर चाहे एंटिना एक हो या चार, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

– राउटर हमेशा ऐसी जगह लगवाएं जहां बैठकर आप इंटरनेट का अधिक इस्तेमाल करते हैं। अगर कमरे में वाई-फाई का इस्तेमाल करते हैं तो राउटर कमरे में ही लगवाएं। राउटर आपकी डिवाइस से जितना दूर होगा, इंटरनेट की स्पीड उतनी ही कम मिलेगी।

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